कोलकाता के ख़िलाफ़ दिल्ली डेयरडेविल्स की हार की 5 बड़ी वजह

क्रिकेट के सबसे छोटे फ़ॉर्मेट टी20 में भले ही ज़्यादातर चौके-छक्के और बल्लेबाज़ों की विस्फोटक पारियां देखने को मिलती हैं, लेकिन आज भी इस प्रारुप में 200 के आस-पास का लक्ष्य हासिल करना बेहद मुश्किल हो जाता है। सोमवार को दिल्ली की टीम कोलकाता को उसके ही घर में 6 साल बाद हराने के इरादे से उतरी थी, लेकिन जीत दिल्ली से कोसों दूर रही। इस हार के बाद उन कारणों पर भी नज़र डाल लेते हैं जिन्होंने डेयरडेविल्स की हार में बड़ी भूमिका निभाई।

#1 अच्छी शुरूआत के बावजूद दिल्ली ने गंवाया मैच

 

दिल्ली डेयरडेविल्स के कप्तान गौतम गंभीर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी का फैसला किया। करते भी क्यों न इससे पहले आईपीएल में खेले गए 12 में से 9 बार उन टीमों को जीत मिली जिन्होंने पहले गेंदबाज़ी करने का फैसला किया। लेकिन जिन तीन मैचों में पहले गेंदबाज़ी करने वाली टीमों को हार मिली, उनको लक्ष्य का पीछा करते समय 10 के आस-पास प्रति ओवर रन बनाने थे। दिल्ली ने भी गेंदबाज़ी चुनी, तीसरे ओवर में सुनील नारेन को ट्रेंट बोल्ट ने आउट कर दिल्ली को अच्छी शुरूआत भी दी। पहले 5 ओवर में दिल्ली ने कसी हुई गेंदबाज़ी की जिसमें पहला ओवर मेडन शामिल है। लेकिन इसके बाद गेंदबाज़ दिशा भटक गए और कोलकाता ने एक बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया।

#2 ट्रेंट बोल्ट के अलावा सभी गेंदबाज़ रहे फ़्लॉप

 

दिल्ली के लिए गेंदबाज़ी करते हुए ट्रेंट बोल्ट (4 ओवर, 29 रन, 2 विकेट) ने कोलकाता के बल्लेबाज़ों के बल्ले पर ब्रेक लगाने की पूरी कोशिश की लेकिन उन्हें दूसरे छोर से मदद नहीं मिल पाई। साथी गेंदबाज़ों ने खुलकर रन दिए, मोहम्मद शमी (4ओवर, 53 रन), क्रिस मॉरिस ( 4 ओवर, 41 रन) और शहबाज़ नदीम (4 ओवर, 43 रन) ने मिलकर 12 ओवर में 137 रन लुटा दिए। जिसके कारण केकेआर एक बड़े स्कोर (200/9) तक पहुंचने में क़ामयाब रहा।

#3 आंद्रे रसेल की 12 गेंदों पर 6 छक्कों वाली पारी पड़ी भारी

 

टी20 क्रिकेट में एक या दो ओवर मैच का पासा पलट सकते हैं, ये बात सोमवार को कोलकाता के इडेन गार्डन्स में पूरी तरह सच साबित हो गई। दिल्ली ने कोलकाता के 5 विकेट गिरा दिए थे और लग रहा था कि 6 साल बाद डेयरडेविल्स मुंबई की ही तरह कोलकाता में भी जीत हासिल कर लेंगे। लेकिन क्रीज़ पर आए विस्फोटक आंद्रे रसेल ने मैच का नख़्शा बदल डाला। रसेल ने अपनी 12 गेंदों की पारी में 6 बार गेंद को सीमा रेखा के बाहर गगनचूंभी छक्कों में तब्दील किया और 41 रनों की पारी से दिल्ली को मैच से बाहर कर दिया।

#4 दिल्ली के 9 बल्लेबाज़ दहाई का आंकड़ा भी नहीं कर सके पार

 

ऐसा नहीं है कि दिल्ली डेयरडेविल्स के पास ऐसे बल्लेबाज़ नहीं थे जो 200 के आंकड़े को पार नहीं कर पाते। लेकिन ऋषभ पंत और ग्लेन मैक्सवेल के अलावा किसी ने मैदान पर रूकने की कोशिश ही नहीं की। टीम के 9 बल्लेबाज़ दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। जिसमें कप्तान गौतम गंभीर (8), जेसन रॉय (1), क्रिस मॉरिस (2), विजय शंकर (2) और श्रेयास अय्यर (4) शामिल हैं। बड़े स्कोर का पीछा करने के लिए टीम को साझेदारियों की ज़रूरत होती है जहां, दिल्ली पूरी तरह से विफल रही।

#5 केकेआर के स्पिनर्स के जाल में उलझे दिल्ली के बल्लेबाज़

 

एक तरफ जहां दिल्ली के गेंदबाज़ों ने जमकर रन लुटाए तो वहीं दूसरी ओर केकेआर के तीन स्पिनर्स ने 7.2 ओवर में 66 रन देकर 7 बल्लेबाज़ों को पैवेलियन भेज दिया। दोनों टीमों की गेंदबाज़ी में इतना बड़ा अंतर दिल्ली को हराने के लिए काफ़ी था। इस सीज़न में हर टीम के पास अच्छे स्पिनर्स मौजूद हैं और इसका फ़ायदा मैदान पर दिख रहा है। उम्मीद है कि आने वाले मैचों में दिल्ली भी अपने अनुभवी स्पिनर अमित मिश्रा के साथ साथ नेपाल के शेन वॉर्न से मशहूर संदीप लामिछाने को मौक़ा दे सकती है।

कोलकाता के ख़िलाफ़ दिल्ली डेयरडेविल्स की हार की 5 बड़ी वजह

क्रिकेट के सबसे छोटे फ़ॉर्मेट टी20 में भले ही ज़्यादातर चौके-छक्के और बल्लेबाज़ों की विस्फोटक पारियां देखने को मिलती हैं, लेकिन आज भी इस प्रारुप में 200 के आस-पास का लक्ष्य हासिल करना बेहद मुश्किल हो जाता है। सोमवार को दिल्ली की टीम कोलकाता को उसके ही घर में 6 साल बाद हराने के इरादे से उतरी थी, लेकिन जीत दिल्ली से कोसों दूर रही। इस हार के बाद उन कारणों पर भी नज़र डाल लेते हैं जिन्होंने डेयरडेविल्स की हार में बड़ी भूमिका निभाई।

#1 अच्छी शुरूआत के बावजूद दिल्ली ने गंवाया मैच

 

दिल्ली डेयरडेविल्स के कप्तान गौतम गंभीर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी का फैसला किया। करते भी क्यों न इससे पहले आईपीएल में खेले गए 12 में से 9 बार उन टीमों को जीत मिली जिन्होंने पहले गेंदबाज़ी करने का फैसला किया। लेकिन जिन तीन मैचों में पहले गेंदबाज़ी करने वाली टीमों को हार मिली, उनको लक्ष्य का पीछा करते समय 10 के आस-पास प्रति ओवर रन बनाने थे। दिल्ली ने भी गेंदबाज़ी चुनी, तीसरे ओवर में सुनील नारेन को ट्रेंट बोल्ट ने आउट कर दिल्ली को अच्छी शुरूआत भी दी। पहले 5 ओवर में दिल्ली ने कसी हुई गेंदबाज़ी की जिसमें पहला ओवर मेडन शामिल है। लेकिन इसके बाद गेंदबाज़ दिशा भटक गए और कोलकाता ने एक बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया।

#2 ट्रेंट बोल्ट के अलावा सभी गेंदबाज़ रहे फ़्लॉप

 

दिल्ली के लिए गेंदबाज़ी करते हुए ट्रेंट बोल्ट (4 ओवर, 29 रन, 2 विकेट) ने कोलकाता के बल्लेबाज़ों के बल्ले पर ब्रेक लगाने की पूरी कोशिश की लेकिन उन्हें दूसरे छोर से मदद नहीं मिल पाई। साथी गेंदबाज़ों ने खुलकर रन दिए, मोहम्मद शमी (4ओवर, 53 रन), क्रिस मॉरिस ( 4 ओवर, 41 रन) और शहबाज़ नदीम (4 ओवर, 43 रन) ने मिलकर 12 ओवर में 137 रन लुटा दिए। जिसके कारण केकेआर एक बड़े स्कोर (200/9) तक पहुंचने में क़ामयाब रहा।

#3 आंद्रे रसेल की 12 गेंदों पर 6 छक्कों वाली पारी पड़ी भारी

 

टी20 क्रिकेट में एक या दो ओवर मैच का पासा पलट सकते हैं, ये बात सोमवार को कोलकाता के इडेन गार्डन्स में पूरी तरह सच साबित हो गई। दिल्ली ने कोलकाता के 5 विकेट गिरा दिए थे और लग रहा था कि 6 साल बाद डेयरडेविल्स मुंबई की ही तरह कोलकाता में भी जीत हासिल कर लेंगे। लेकिन क्रीज़ पर आए विस्फोटक आंद्रे रसेल ने मैच का नख़्शा बदल डाला। रसेल ने अपनी 12 गेंदों की पारी में 6 बार गेंद को सीमा रेखा के बाहर गगनचूंभी छक्कों में तब्दील किया और 41 रनों की पारी से दिल्ली को मैच से बाहर कर दिया।

#4 दिल्ली के 9 बल्लेबाज़ दहाई का आंकड़ा भी नहीं कर सके पार

 

ऐसा नहीं है कि दिल्ली डेयरडेविल्स के पास ऐसे बल्लेबाज़ नहीं थे जो 200 के आंकड़े को पार नहीं कर पाते। लेकिन ऋषभ पंत और ग्लेन मैक्सवेल के अलावा किसी ने मैदान पर रूकने की कोशिश ही नहीं की। टीम के 9 बल्लेबाज़ दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। जिसमें कप्तान गौतम गंभीर (8), जेसन रॉय (1), क्रिस मॉरिस (2), विजय शंकर (2) और श्रेयास अय्यर (4) शामिल हैं। बड़े स्कोर का पीछा करने के लिए टीम को साझेदारियों की ज़रूरत होती है जहां, दिल्ली पूरी तरह से विफल रही।

#5 केकेआर के स्पिनर्स के जाल में उलझे दिल्ली के बल्लेबाज़

 

एक तरफ जहां दिल्ली के गेंदबाज़ों ने जमकर रन लुटाए तो वहीं दूसरी ओर केकेआर के तीन स्पिनर्स ने 7.2 ओवर में 66 रन देकर 7 बल्लेबाज़ों को पैवेलियन भेज दिया। दोनों टीमों की गेंदबाज़ी में इतना बड़ा अंतर दिल्ली को हराने के लिए काफ़ी था। इस सीज़न में हर टीम के पास अच्छे स्पिनर्स मौजूद हैं और इसका फ़ायदा मैदान पर दिख रहा है। उम्मीद है कि आने वाले मैचों में दिल्ली भी अपने अनुभवी स्पिनर अमित मिश्रा के साथ साथ नेपाल के शेन वॉर्न से मशहूर संदीप लामिछाने को मौक़ा दे सकती है।

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